➤ नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों की जांच कर होगी सख्त कार्रवाई
➤ ड्रग फ्री हिमाचल ऐप से छात्रों और आम जनता को किया जाएगा जागरूक
➤ एनकॉर्ड बैठक में प्रशासन-पुलिस को समन्वय बढ़ाने के निर्देश
शिमला में नशे के खिलाफ कार्रवाई को और तेज करने के उद्देश्य से सोमवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में जिला स्तरीय मासिक एनकॉर्ड बैठक आयोजित की गई। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई, जिसमें सभी एसडीएम और संबंधित अधिकारियों ने बीते एक महीने के दौरान नशे के खिलाफ किए गए अभियानों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी साझा की।
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिला पुलिस नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर रही है और हाल ही में एक बड़े नशा गिरोह का भंडाफोड़ भी किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि पटवारी अपने-अपने क्षेत्रों में नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की जानकारी एकत्र कर एसडीएम को भेजें, ताकि इन मामलों की गहन निगरानी की जा सके और नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की जांच कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों की संपत्तियों की जांच में राजस्व विभाग और अन्य विभाग पुलिस को समय पर जानकारी उपलब्ध कराएं, जिससे वित्तीय जांच में तेजी लाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि नशे के खिलाफ चल रही जागरूकता गतिविधियों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से तैयार किया जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए ड्रग फ्री हिमाचल मोबाइल ऐप के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को इस ऐप के बारे में जानकारी दी जाए, ताकि वे नशे के खिलाफ अभियान में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
आगामी पंचायती राज चुनावों के मद्देनजर उपायुक्त ने एक्साइज विभाग को अवैध शराब और स्टॉकिंग पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव संपन्न होने तक विभिन्न हितधारकों के साथ लगातार बैठकें कर जिले को नशा मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास जारी रखें। साथ ही जिन क्षेत्रों में नशा निवारण समितियों का गठन नहीं हुआ है, वहां जल्द से जल्द समितियां गठित करने को कहा गया।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस द्वारा एनडीपीएस मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा रही है और अंतर्राज्यीय नशा गिरोहों का लगातार भंडाफोड़ हो रहा है। उन्होंने माना कि नशे से जुड़े मामलों में वित्तीय जांच की गति धीमी है, जिसे राजस्व विभाग से समय पर रिपोर्ट मिलने पर तेज किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि समय रहते रिपोर्ट मिलने पर नशा तस्करों की संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
एसएसपी ने आम जनता से अपील की कि यदि कहीं नशे का कारोबार हो रहा है तो उसकी सूचना ड्रग फ्री हिमाचल ऐप के माध्यम से दें। इस ऐप की खासियत यह है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
बैठक में यह भी जोर दिया गया कि स्वास्थ्य विभाग को नशे की ओवरडोज से होने वाली मौतों को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। एनकॉर्ड समिति के माध्यम से प्रशासन और समाज के सहयोग से नशा मुक्त वातावरण बनाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे, जिसमें जागरूकता, निगरानी और पुनर्वास जैसी पहलें शामिल हैं।



